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भोर भये पनघट पे, मोहे नटखट श्याम सताये - सत्यम् शिवम् सुन्दरम् (१९७८)

गीत: भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताये
फ़िल्म: सत्यम् शिवम् सुन्दरम् (1978)
गीतकार: आनन्द बक्षी
संगीतकार: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
स्वर: लता मंगेश्कर



गीत के बोल:

खिले है आशा के फूल मन में
यह राज़ हमने छुपाया हमने
क़दम मुबारक़ हमारे दर पे
नसीब हमने जगाया हमने

होऽ -२ आऽऽऽऽऽ
होऽ होऽ...
भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताये
मोरी चुनरिया लिपटी जाये
मैं का करूँ हाय राम हाय
भोर भये पनघट पे

कोई सखी सहेली नाहीं संग मैं अकेली
कोई देखे तो ये जाने
पनिया भरने के बहाने
गगरी उठाये राधा श्याम से
हाय-हाय श्याम से मिलने जाये हाय
भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताये
भोर भये पनघट पे

आये पवन झकोरा टूटे अंग-अंग मोरा
चोरी-चोरी चुपके-चुपके
बैठा कहीं पे वो छुपके
देखे मुस्काये निरलज को
निरलज को लाज न आये हाय
भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताये
भोर भये पनघट पे

मैं न मिलूँ डगर में तो वोह चला आये घर में
मैं दूँ गाली मैं दूँ झिड़की
मैं ना खोलूँ बंद खिड़की
निंदिया जो आये तो वो कंकर
हाय-हाय कंकर मार जगाये हाय
भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताये
मोरी चुनरिया लिपटी जाये
मैं का करूँ हाय राम हाय हाय
भोर भये पनघट पे

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